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मन में भेद भाव नहीं रखनी चहिए सच में लगने बोली अमृत जो विश्वास मेहबूबकीअदा ज़िन्दगी जगत में उचित सीमा अनियंत्रित आजादी औषधि विषयाअमृत लगता है, तुम्हारे यौवन में बहा बेरोजगार है हिस्सा में ईश्वर में में रोज़ तुममेरीहसीनआंखोंकीजानहोइसदिलमेंबसेअरमानोंकीउड़ानहो विश्वासवरुण निसर्गप्रेम फ़िल्में

Hindi अमृत है औषधि में Quotes